स्वतन्त्रता प्राप्त होने के बाद ही विभिन्न राज्यों में क्रमश: होमियोपैथिक अधिनियम पारित किये गये जिसमें उत्तर प्रदेश होमियोपैथिक मैडिसिन अधिनियम 1951, मध्य प्रदेश होमियोपैथिक मैडिसिन अधिनियम 1951, महाराष्ट्र होमियोपैथिक अधिनियम 1951, बिहार होमियोपैथिक अधिनियम 1953, दिल्ली एक्ट, 1956, पश्चिम बंगाल होमियोपैथिक अधिनियम 1963 में पारित किये गये और राज्य सरकार होमियोपैथिक विज्ञान की पद्वति के विकास में प्रयत्नशील हुई।
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MEETING KARYAVRITTI DATED 30/04/2015

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